स्टॉप-लॉस
ऑर्डर के प्रकारस्टॉप-लॉस एक निर्धारित नुकसान सीमा पर स्थिति खुद बंद करने वाला ऑर्डर है। यह जोखिम प्रबंधन का सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है।
स्टॉप-लॉस क्यें जरूरी है?
USD/INR लॉङ 83.50 पर खरीदा। स्टॉप-लॉस 83.00 पर रखा। अगर USD/INR 83.00 आ जाए तो स्थिति खुद बंद हो जाएगी और नुकसान रु. 4,200 तक सीमित रहेगा।
स्टॉप-लॉस कीहां रखें?
स्टॉप-लॉस हमेशा ATR या महत्वपूर्ण सत्र (सपोर्ट/रेजिस्टेंस) के पीछे रखें। पोज़ीशन साइज़ कैलकुलेटर से सही स्टॉप निर्धारित करें।
स्टॉप-लॉस और रिस्क-रिवार्ड अनुपात
स्टॉप-लॉस और टेक-प्रॉफ़िट का सही अनुपात (1:2 या अधिक) निरंतर लाभदायकता की नींव है। फॉरेक्स मुनाफा? में विस्तार से सीखें।
संबंधित शब्द
टेक-प्रॉफ़िट
टेक-प्रॉफ़िट एक निर्धारित लाभ सीमा पर स्थिति खुद बंद करने वाला ऑर्डर है। यह लाभ सुरक्षित करता है और डिस्प्लिन बनाए रखता है।
ट्रेलिंग स्टॉप
ट्रेलिंग स्टॉप वह स्टॉप-लॉस है जो कीमत के साथ स्वचालित रूप से चलता है और लाभ को सुरक्षित करता है।
जोखिम-लाभ अनुपात
जोखिम-लाभ अनुपात प्रति व्यापार में संभावित लाभ और संभावित नुकसान का अनुपात है। 1:2 अनुपात का अर्थ है प्रति जोखिम की गई राशि का दोगुना लाभ।
स्टॉप ऑर्डर
स्टॉप ऑर्डर एक निर्धारित कीमत पर पहुंचने पर मार्केट ऑर्डर बन जाता है। यह स्टॉप-लॉस और ब्रेकआउट ट्रेड दोनों के लिए उपयोग होता है।