स्टोकेस्टिक ओसिलेटर
तकनीकी संकेतकस्टोकेस्टिक ओसिलेटर एक गति संकेतक है जो किसी निश्चित अवधि में समापन मूल्य की तुलना मूल्य सीमा से करता है।
स्टोकेस्टिक ओसिलेटर क्या है?
स्टोकेस्टिक ओसिलेटर 0 से 100 के बीच चलता है। 80 से औपर overbought और 20 से नीचे oversold स्थिति मानी जाती है। USD/INR जोड़े में इसे प्रवेश बिंदु निर्धारित करने के लिए उपयोग किया जाता है।
%K और %D रेखाएं
%K मुख्य रेखा है और %D उसका जा 3-अवधि मूविंग औसत है। जब %K उपर से %D को काटती है तो बिक्री संकेत, नीचे से काटती है तो खरीद संकेत माना जाता है। SEBI पंजीकृत ब्रोकर इसे चार्ट पर दिखाते हैं।
IST सेशन के अनुसार उपयोग
भारतीय ट्रेडर IST (UTC+5:30) में लंदन सेशन सवाेत्तम ही स्टोकेस्टिक संकेतों का उपयोग करते हैं। शुरुआती गाइड में ओसिलेटर के बारे अधिक जानें।