रोलओवर
ट्रेडिंग मेकेनिक्सरोलओवर वह प्रक्रिया है जिसमें खुली Forex पोजिशन को अगले व्यापारिक दिन तक बढ़ाया जाता है। इस प्रक्रिया में स्वैप शुल्क जुड़ता है।
रोलओवर कैसे काम करता है?
Forex में सभी स्पॉट ट्रेड T+2 आधार पर सेटल होते हैं। रात 10 बजे (EST) बाद खुली पोजिशन को रोल ओवर किया जाता है। यह IST सुबह 3:30 बजे होता है। रोलओवर की राशि दो मुद्राओं की ब्याज दर के अंतर पर निर्भर करती है।
USD/INR रोलओवर उदाहरण
यदि आप USD/INR खरीदते हैं और रात भर रखते हैं, तो आप रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) दर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व दर के अंतर के आधार पर स्वैप शुल्क देंगे या पाएंगे। स्वैप के साथ इसे समझना जरूरी है।
इस्लामिक खाते
भारत में कुछ मुस्लिम ट्रेडर स्वैप-फ्री (Islamic) खाते उपयोग करते हैं जहां रोलओवर शुल्क नहीं लगता। शुरुआती गाइड से अधिक जानें।
संबंधित शब्द
स्वैप
स्वैप वह व्याज शुल्क है जो रातभर खुली Forex पोजिशन रखने पर लिया या दिया जाता है। यह दो मुद्राओं की ब्याज दर के अंतर पर निर्भर करता है।
डेली कट-ऑफ
डेली कट-ऑफ वह समय है जब Forex बाजार व्यापारिक दिन समाप्त मानता है और रोलओवर शुल्क लागू होता है। यह शाम 5 बजे यूएसते/EST पर होता है।
कॉस्ट ऑफ कैरी
कॉस्ट ऑफ कैरी वह कुल लागत है जो Forex पोजिशन रातभर रखने में आती है। इसमें स्वैप शुल्क, स्प्रेड और कमीशन शामिल हैं।